समाज में रहकर इंसान अपने काम, व्यवहार, इंसानियत की बदौलत खुद को अलग दिखा सकता है ।आज अपनी पहचान पर शायरी के इस ब्लॉग में जानेंगे किस तरह से हम कोई भी कार्य मेहनत, लगन, ईमानदारी से करके अलग आइडेंटिटी बना सकते हैं ।

अपनी पहचान पर दो लाइन शायरी के इस ब्लॉग के माध्यम से मैं अपने भावनाओं और विचारों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त कर रहीं हूँ।

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अपनी पहचान पर शायरी

अपनी पहचान पर शायरी ऐसी जो किसी को भी खुद के लिए सोचने पर कर दे मजबूर!

मै आपके साथ अपनी पहचान पर 51 शायरी साँझा कर रही हूँ |जो आपको यकीनन पसंद आयेगी ।

1.

कभी नजरंदाज ना करे खुद को,

पहचान बनाने में लगा दो खुद को ।

2.

अपनी पहचान से ना खुद रहे अनजान,

खुद पर ध्यान दो बन जाएगी एक पहचान ।

3.

अपनी अलग पहचान जब बन जाती,

खुद को इल्म हो जाता सुकून बस यहीं ।

4.

बाते जब बहुत कुछ उल्टी सीधी हो जाती,

सोच फिर अपनी पहचान की बात सोचती ।

5.

जीवन से यही सीखा मेहनत, लगन से ही,

अपनी खुद की अलग पहचान बन जाती ।

6.

वक्त के साथ कर ली अपने पराये की पहचान,

दिया वक्त ने ही ज्ञान बनाने के लिए अपनी पहचान ।

7.

किसी के साये संग कभी ना अपनी पहचान बनतीं,

हुनर, मेहनत, लगन से ही अपनी पहचान बन जाती ।

8.

अच्छे इंसान को पहचानने के लिए,

अच्छा दिमाग नहीं अच्छा दिल चाहिए ।

9.

औरत हूं तो रिश्तों से ही पहचान होगी मेरी,

पर अब से अपनी होगी अलग पहचान  मेरी ।

10.

इतना भी ज्यादा फेमस नहीं होना मुझे,

अच्छे इंसान की पहचान बनना है मुझे ।

11.

अपनी पहचान दिला देती अब सुकून चैन,

जाने अनजाने कभी छिना था उसने सुख चैन ।

12.

तारीफे मेरी अल्फाज़ की बढ़ाती मेरा हौसला,

अच्छा लिखने की कोशिश रहती मेरी सदा ।

13.

जिंदगी के सफर में कुछ हादसे भी,

चेहरों को अपनी पहचान दिला देते ।

14.

प्रतिकूल परिस्थितियों में खुद को ढालकर,

जीवन के संग्राम में निखरेंगे पहचान बनाकर ।

15.

जीवन संघर्ष में हमेशा सूझबूझ से काम लिया,

संघर्ष के ढांचे में ढलकर खुद को पहचान लिया ।

16.

तारीखो में बिखेर ना दो खुद को,

पहचान बनाने में जुटा दो खुद को ।

17.

परस्थितियों को बदलने की ताकत ही,

अपनी पहचान बनाने की पहल है करती ।

18.

व्यक्ति की अपनी पहचान,

उचित समय पर उचित शब्दों से ही बनती ।

19.

आज बन गए शब्द ही मेरी पहचान,

अपनी पहचान से कभी मैं थी अनजान ।

20.

खुद की अलग अपनी पहचान जरूरी है,

हिम्मत हौसलों का अपना जहां भी जरूरी है ।

21.

शख्सियते कुछ खास वो मेरे लिए,

जो मुझे समझे खास वो मेरे लिए ।

22.

शक्ल से ज्यादा वो लोग अच्छे लगते,

जो अलग कुछ खास सोच रखते ।

23.

पहले जैसे अब ना रहे हम भी,

दुनियां देखकर बदल चुके हम भी ।

24.

बना लो अपनी पहचान अलग से,

जी लो फिर अपनी शर्तों और शान से ।

25.

मन में जागे जब अपनी पहचान बनाने का विश्वास,

पूर्ण हो कामना तब बढ़ जाए और भी आत्मविश्वास ।

26.

प्रतिभा को पहचानो अपने हुनर को बढ़ाओ,

आत्मविश्वास से अपनी पहचान बनाओ ।

27.

स्वाभिमानी बनो स्वयम के लिए,

पहचान बना लो स्वयम के लिए ।

28.

एक अनोखी शक्ति अपने ही पास होती,

मेहनत, हिम्मत से पहचान बन ही जाती ।

29.

पहले खुद बनानी होती पहचान,

फिर स्वतः ही मिल जाता सम्मान ।

30.

तिनका तिनका जोड़ घोंसला बनाना होगा,

अपनी पहचान बनाने हौसला जुटाना होगा ।

31.

गुजरे कल की ना कोई अब बात करे,

आओ जुट जाए एक नई पहचान बनाने ।

32.

शब्दों और व्यवहार से मनुष्य की होती पहचान,

शब्दों, व्यवहार से बनती असली और सही पहचान ।

33.

अपनी पहचान बनाने के लिए श्रम से ना घबराना,

काबिलियत पर अपने असमंजस में ना रहना ।

34.

मंजिल पर नजर रखकर पहचान बना लो,

मुकाम कोई पाकर अपनी दुनिया सजा लो ।

35.

पहचान बनाने के लिए खुद को उकसाओ,

दिल में दर्द, तड़प लेकर सुबकते ना रहो ।

36.

अपनी प्रतिभा ही पहचान दिलाएगी,

मेहनत सफलता का रंग भी लाएगी ।

37.

लक्ष्य का सफर तय करते है अपनी मेहनत से,

पहचान बनाते है अपनी खुद दृढ़ संकल्प से ।

38.

इरादा करके अपनी पहचान बनाते हैं,

खुद ही जुगनू बन अपना अंधियारा दूर करते हैं।

39.

परिस्थितियों से लड़कर खुद में खुद को ढूंढ़कर,

अपनी पहचान से देंगे खुद को भेट “मै” नया बनकर ।

40.

खुद की काबिलियत को ग़र ना पहचानो,

तब खुद की पहचान बननी नामुमकिन समझो ।

41.

अपना अक्स भी पहचान में ना आता,

जब मेहनत रंग लाकर नया वजूद बना देता ।

42.

अपनी पहचान के बारे में क्या कहूँ,

अच्छे इंसान की पहचान बने यही बस चाहूँ ।

43.

हुनर के दम पर दुनिया में पहचान बन जाती,

हुनर को पहचानने  वाला जब कोई मिल जाता ।

44.

हम राही है सफर ए मंजिल के,

चाहते सब मेरी भी कोई पहचान हो ।

45.

कभी कभी खुद को भी ना पहचान पाते,

मिल जाता कोई जौहरी जो पहचान बना देते ।

46.

यकीन खुद पर इतना कर लो,

और खुद की पहचान खुद बना लो ।

47.

ललक मन की नए ख्वाब देखती है,

दिल भी अपनी पहचान ढूँढना चाहता है ।

48.

कैसे मंजिल तक पहुंचाया जाए जानते हैं,

मेहनत, लगन, संकल्प से पहचान बनाना जानते हैं ।

49.

क्या चाहता था दिल नहीं थी पहले कोई खबर,

खुद को जब जाना समझा तब पहचान की लगी ललक ।

50.

अपनी मंजिल की तलाश में रहिए,

खुद की अपनी पहचान के लिए ।

51.

अपनी पहचान खोकर किसी से जिया ना जाएगा,

जिंदगी की दौड़ में पहचान बिना रहा ना जाएगा ।

उम्मीद करती हूं अपनी पहचान पर शायरी के इस ब्लॉग ने आपको खुद की काबिलियत पर भरोसा करके भीड़ से हटकर कुछ अलग करने का साहस दिला दिया होगा। आप। इंसान की पहचान पर शायरी और मेरी पहचान पर शायरी भी पढ़कर अपनी प्रतिक्रियाएं दे सकते है।